The administration will reach the villages to listen to the problems of the people, cooperation camps will be organised in 71 panchayats on June 2.
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| The administration will reach the villages to listen to the problems of the people, cooperation camps will be organised in 71 panchayats on June 2. |
लोकल पब्लिक न्यूज़ | मोतिहारी
पूर्वी चंपारण जिले में आम नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से बिहार सरकार के निर्देश पर पंचायत स्तर पर दूसरे चरण के सहयोग शिविर का आयोजन 2 जून 2026 को किया जाएगा। यह शिविर जिले के सभी प्रखंडों की कुल 71 पंचायतों में आयोजित होगा।
जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 19 मई को आयोजित पहले चरण के सहयोग शिविर के बाद अब दूसरे चरण में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने की तैयारी की गई है। सहयोग शिविर के माध्यम से आम नागरिक सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें और सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि उन्हें जिस प्रखंड एवं पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहां प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शिविर के सफल आयोजन एवं शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन ने बताया कि सहयोग शिविर से संबंधित जानकारी टोल फ्री नंबर 1100 पर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा विभागीय पोर्टल sahyog.bihar.gov.in पर भी ऑनलाइन परिवाद दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। दर्ज शिकायतों के निष्पादन की समय-सीमा 30 दिन निर्धारित की गई है।
इन पंचायतों में लगेगा सहयोग शिविर
02 जून को जिले के 27 प्रखंडों की 71 पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें आदापुर, छौरादानो, रामगढ़वा, रक्सौल, बनकटवा, चिरैया, ढाका, घोड़ासहन, मधुबन, पकड़ीदयाल, पताही, फेनहारा, तेतरिया, बंजरिया, कोटवा, मोतिहारी, पिपरा कोठी, सुगौली, तुरकौलिया, चकिया, कल्याणपुर, केसरिया, मेहसी, अरेराज, हरसिद्धि, पहाड़पुर एवं संग्रामपुर प्रखंड की चयनित पंचायतें शामिल हैं।
कोटवा प्रखंड की कोटवा, बड़हरवा कला पश्चिमी एवं बड़हरवा कला पूर्वी पंचायतों में भी सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविर से पूर्व अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त किए जाएं तथा प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
जिला प्रशासन का मानना है कि सहयोग शिविर के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा तथा स्थानीय स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।

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