SDO inspected various panchayats of Kotwa block, gave strict instructions to investigate the schemes.
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| SDO inspected various panchayats of Kotwa block, gave strict instructions to investigate the schemes. |
लोकल पब्लिक न्यूज़ पूर्वी चम्पारण कोटवा: प्रखंड अंतर्गत मच्छरगाँवा पंचायत में गुरुवार को सदर मोतिहारी के अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा ने विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सहयोग शिविर, गोबरधन प्लांट, निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन इकाई (WPU) का जायजा लिया। कई योजनाएं अक्रियाशील मिलने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
एसडीओ ने सबसे पहले मच्छरगाँवा पंचायत कार्यालय में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रखंड स्तर के विभिन्न विभागों के प्रतिनियुक्त कर्मी अलग-अलग काउंटरों पर आम लोगों से आवेदन एवं शिकायत पत्र प्राप्त कर उसे पंजी में अंकित करते हुए “सहयोग” पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों एवं उनके निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की। निष्पादन कार्य को संतोषजनक बताते हुए उन्होंने संबंधित कर्मियों को मामलों के निपटारे में और तेजी लाने का निर्देश दिया।
इसके बाद एसडीओ ने गोबरधन प्लांट का निरीक्षण किया, जहां प्लांट पूरी तरह अक्रियाशील पाया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी कोटवा ने बताया कि यह प्लांट कई महीनों से बंद है तथा इसे जीविका को हस्तांतरित किया गया है। जीविका की निगरानी में इसे पुनः चालू करने की प्रक्रिया चल रही है। एसडीओ ने बीपीएम जीविका से अद्यतन जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन दूरभाष पर संपर्क नहीं हो सका।
निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन के निरीक्षण में पाया गया कि भवन का कार्य जारी है। अब तक ग्राउंड फ्लोर के लिंटल स्तर तक निर्माण पूरा हो चुका है तथा ऊपरी हिस्से का कार्य प्रगति पर है। मौके पर मौजूद ठेकेदार के मुंशी ने बताया कि इस वर्ष के अंत तक भवन निर्माण कार्य पूर्ण कर विभाग को सौंप दिया जाएगा।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने साफ-सफाई की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई। केंद्र परिसर में कई स्थानों पर गंदगी फैली हुई पाई गई। उन्होंने उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा ग्रामीण मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
वहीं, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन इकाई (WPU) भी बंद पाई गई। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड समन्वयक द्वारा जांच प्रतिवेदन कार्यालय में जमा किया गया है, जिसके आधार पर स्थानीय मुखिया एवं पंचायत सचिव को शीघ्र मरम्मत कर इकाई को चालू कराने का निर्देश दिया गया है।

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