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कोटवा पंचायत समिति की बैठक में हंगामा, दीपउ स्वास्थ्य केंद्र बंद रहने और राशन व्यवस्था पर गरमाई बहस

 Uproar erupts at the Kotwa Panchayat Samiti meeting, heated debate erupts over the closure of the Deepu health centre and the ration system.

Uproar erupts at the Kotwa Panchayat Samiti meeting, heated debate erupts over the closure of the Deepu health centre and the ration system.

कोटवा (पूर्वी चम्पारण): प्रखंड की पंचायत समिति की बैठक शनिवार को दीपउ ई स्थित किसान भवन में आयोजित की गई। बैठक के दौरान जनहित से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सदन का माहौल काफी हंगामेदार बना रहा। प्रखंड प्रमुख विभा देवी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जनप्रतिनिधियों ने एक के बाद एक गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा।

बैठक की शुरुआत के साथ ही सबसे पहले राशन वितरण प्रणाली में अनियमितता का मुद्दा उठा। प्रखंड प्रमुख विभा देवी ने बीडीओ से कहा कि प्रखंड क्षेत्र में कई जगहों पर राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिस पर तत्काल जांच कर सुधार सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गरीबों के हक का राशन किसी भी स्थिति में नहीं छीना जाना चाहिए।

इसी क्रम में पंचायत समिति सदस्य करारिया पंचायत के कमलेश साह ने खाद और बीज की बिक्री में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर उचित दर पर खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है और कई जगहों पर निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं।

नल-जल योजना और राशन पर मुखियाओं का कड़ा विरोध

बैठक में मुखिया संघ के अध्यक्ष जितेंद्र यादव और मुखिया मुखलाल राम ने नल-जल योजना के सुचारु संचालन नहीं होने को लेकर प्रशासन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई वार्डों में पानी की सप्लाई नियमित नहीं है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही राशन वितरण में धांधली को लेकर भी उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

दीपउ स्वास्थ्य केंद्र बना सबसे संवेदनशील मुद्दा

बैठक का सबसे अहम और संवेदनशील मुद्दा दीपउ में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहा। सदस्यों ने आरोप लगाया कि इस स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नियमित नहीं आते हैं और यह केंद्र पिछले चार महीनों से बंद पड़ा है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के बाद भी स्थानीय लोगों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है, जिससे जनता में भारी नाराजगी है।

इसके साथ ही बैठक में एमओ (चिकित्सा पदाधिकारी) के प्रखंड कार्यालय से गायब रहने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी समय पर कार्यालय में नहीं रहते, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

बीडीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

मामले पर बीडीओ चिरंजीवी पांडेय ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को नोट कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों में जिला प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

बीडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पदाधिकारियों की इंटर परीक्षा में ड्यूटी नहीं थी, इसके बावजूद वे अनुपस्थित रहे, उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिला को लिखा जाएगा।

कार्यवाही में केवल जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

बैठक के दौरान यह निर्देश दिया गया कि कार्यवाही में केवल जनप्रतिनिधि ही शामिल रहेंगे। निर्देश का सख्ती से पालन किया गया, जिससे बैठक की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाई जा सके।

ये जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में मुखिया अखिलेश कुमार सिंह उर्फ राजू ठाकुर, अर्चना देवी, पप्पू कुमार यादव, उप प्रमुख ममता देवी, मो. सज्जाद, जितेंद्र ठाकुर, समिति सदस्य पम्मी देवी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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