Revenue system stalled in East Champaran, common people suffering due to CO's strike
![]() |
| Revenue system stalled in East Champaran, common people suffering due to CO's strike. |
लोकल पब्लिक न्यूज़/पूर्वी चम्पारण: बिहार राजस्व सेवा संघ के आह्वान पर 2 फरवरी 2026 से पूर्वी चम्पारण जिले के सभी अंचलाधिकारी (CO) सामूहिक अवकाश/हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल के चलते जिले की पूरी राजस्व व्यवस्था चरमरा गई है और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल का सीधा असर जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे अत्यंत आवश्यक राजस्व कार्यों पर पड़ा है। अंचल कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। प्रमाण पत्रों के लिए रोज़ाना अंचलों का चक्कर लगाने वाले छात्र, नौकरीपेशा युवक-युवतियां, किसान और आम नागरिक मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं।
छात्रों और जरूरतमंदों पर सबसे ज्यादा असर
शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी योजनाओं के लिए जाति व आय प्रमाण पत्र अनिवार्य होते हैं। हड़ताल के कारण हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। वहीं, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवार भी प्रमाण पत्रों के अभाव में परेशान हैं।
जमीन से जुड़े मामलों में अटका काम
दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे भूमि संबंधी कार्य बंद होने से जमीन खरीद-बिक्री, विरासत और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं भी ठहर गई हैं। किसानों और जमीन मालिकों को आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।
मांगों पर सरकार की चुप्पी से नाराजगी
बिहार राजस्व सेवा संघ का कहना है कि लंबे समय से वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें सामूहिक अवकाश/हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
हड़ताल के कारण जिला प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। अंचल कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग सिर्फ सूचना बोर्ड देखकर लौट रहे हैं।
आम लोगों ने सरकार से लगाई गुहार
हड़ताल से त्रस्त आम नागरिकों ने राज्य सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने और राजस्व अधिकारियों की मांगों का समाधान निकालने की अपील की है, ताकि जनहित से जुड़े कार्य फिर से शुरू हो सकें।
कुल मिलाकर, पूर्वी चम्पारण में CO की हड़ताल ने राजस्व व्यवस्था को पूरी तरह जाम कर दिया है और इसका सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

0 टिप्पणियाँ