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हरसिद्धि वायरल वीडियो मामला: सड़े आम को लेकर गलतफहमी में बढ़ा था विवाद, दुकानदार के लिखित आवेदन के बाद मामला शांत

 Harsiddhi viral video case: A misunderstanding over rotten mangoes escalated into a dispute, but the matter was resolved after the shopkeeper filed a written complaint.

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Harsiddhi viral video case: A misunderstanding over rotten mangoes escalated into a dispute, but the matter was resolved after the shopkeeper filed a written complaint. 

हरसिद्धि (पूर्वी चम्पारण): सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वायरल हुए पुलिस और फल दुकानदार के बीच नोकझोंक के मामले का पटाक्षेप हो गया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), अरेराज द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह बात सामने आई है कि पूरा विवाद सड़े हुए आम को बदलने को लेकर उपजी गलतफहमी के कारण हुआ था। अब दुकानदार द्वारा लिखित आवेदन देकर खेद प्रकट करने के बाद इस मामले को पूरी तरह शांत करा लिया गया है।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, दिनांक 3 फरवरी 2026 (सोशल मीडिया पर चर्चा) और जांच के अनुसार 2 जून 2026 की इस घटना में हरसिद्धि थाना में तैनात परिमानव पुलिस अवर निरीक्षक (प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर) प्रीतम कुमार ने सड़क किनारे एक दुकान से ₹130 में 750 ग्राम आम खरीदे थे। इसका भुगतान उन्होंने डिजिटल माध्यम (पे-फोन) से किया था।

जब पुलिस अधिकारी अपने थाना स्थित आवास पर पहुंचे और आम खाने के लिए काटे, तो सभी आम अंदर से पूरी तरह सड़े हुए निकले।

सड़े हुए आम को लेकर जब सब-इंस्पेक्टर प्रीतम कुमार दोबारा दुकानदार के पास पहुंचे और उनसे शिकायत की, तो दुकानदार अचानक भड़क गया। दुकानदार का तर्क था:

 "आम ऊपर से देखने में अच्छा था, अंदर सड़ा निकला तो इसकी हमारी कोई गारंटी नहीं है।"

दुकानदार ने न तो सड़ा हुआ आम वापस लेने और न ही पैसे लौटाने की बात कही। इस पर सब-ईस्पेक्टर ने कहा कि जब पुलिस के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम जनता के साथ कैसा बर्ताव होता होगा। दुकानदार के अड़ियल रवैये को देखते हुए अधिकारी ने थाने की गश्ती टीम को सूचित किया। 

जब गश्ती दल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और फल दुकानदार से पूछताछ करनी चाही, तो वह उनसे भी ऊंची आवाज में बहस करने लगा। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने और पूछताछ के लिए जब पुलिस दुकानदार को थाने ले जाने लगी, तो वहां कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य दुकानदार आ गए। उन्होंने पुलिस से विवाद को वहीं खत्म करने और दुकानदार को न ले जाने का अनुरोध किया, जिसके बाद पुलिस टीम वापस थाने लौट आई।

इसी पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो और दुकानदार का बयान सोशल मीडिया व यूट्यूब पर वायरल हो गया था, जिसमें पुलिसकर्मी दो लोगों को ले जाते दिख रहे थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जब अरेराज एसडीपीओ द्वारा जांच कराई गई और फल दुकानदार चंद्रिका साह (पिता: श्री दशई साह, निवासी: पानापुर रंजीता, पूर्वी चम्पारण) से पूछताछ की गई, तो उन्होंने पूरी सच्चाई स्वीकार की।

फल दुकानदार और उनके पुत्र रूपेश कुमार ने थाने में एक लिखित आवेदन दिया। आवेदन में उन्होंने स्वीकार किया कि आम सड़ा होने के कारण दारोगा प्रीतम कुमार के साथ गलतफहमी में विवाद हुआ था।

  नासमझी के कारण उन्होंने यूट्यूब और सोशल मीडिया पर गलत बयानबाजी की, जिससे विवाद और बढ़ गया।

  इस पूरे घटनाक्रम पर उन्हें गहरा खेद है और अब उन्हें पुलिस से कोई शिकायत नहीं है।

विवाद सुलझने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी दोनों पक्षों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है:

 1. सब-इंस्पेक्टर को चेतावनी: परि०पु०अ०नि० प्रीतम कुमार को इस विवाद को लेकर भविष्य में अधिक सचेत रहने की सख्त चेतावनी दी गई है।

 2. पुलिसकर्मियों को निर्देश: थाने के अन्य सभी पुलिस पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे आम जनता के साथ हमेशा सौम्य और मर्यादित व्यवहार करें। 

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