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मुखिया पद की गरिमा पर उठे सवाल: योजना बोर्ड पर मुखिया से पहले लिखा गया पुत्र का नाम, कररिया पंचायत में बैनर पर विवाद, फोटो-वीडियो वायरल

 Questions raised on the dignity of the post of Mukhiya: Son's name written before Mukhiya on the plan board, controversy over banner in Kararia Panchayat, photo-video viral

Questions raised on the dignity of the post of Mukhiya: Son's name written before Mukhiya on the plan board, controversy over banner in Kararia Panchayat, photo-video viral 

लोकल पब्लिक न्यूज़ | कोटवा, पूर्वी चंपारण

पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज कररिया में एक सरकारी योजना के शिलापट्ट (बोर्ड) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत की मुखिया राजपति देवी के पुत्र अशर्फी दास का नाम योजना बोर्ड पर प्रमुखता से और बड़े अक्षरों में लिखे जाने का मामला सामने आया है। बोर्ड की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पंचायत क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

वायरल तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सरकारी योजना से संबंधित बोर्ड पर मुखिया राजपति देवी के नाम से पहले उनके पुत्र अशर्फी दास का नाम बड़े और आकर्षक अक्षरों में अंकित किया गया है। इसे लेकर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक सरकारी योजना के बोर्ड पर निर्वाचित मुखिया के बजाय उनके पुत्र का नाम प्रमुखता से क्यों प्रदर्शित किया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि योजना बोर्ड पर मुखिया के नाम से पहले पुत्र का नाम लिखवाकर न केवल पंचायत के सर्वोच्च निर्वाचित पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है, बल्कि सरकारी योजना के माध्यम से व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार का प्रयास भी किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं तथा मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के शिलापट्ट एवं सूचना बोर्ड निर्धारित प्रारूप के अनुसार लगाए जाते हैं। ऐसे बोर्डों पर केवल संबंधित योजना, विभाग और अधिकृत जनप्रतिनिधियों की जानकारी अंकित की जाती है। यदि किसी व्यक्ति का नाम व्यक्तिगत पहचान या प्रचार के उद्देश्य से प्रमुखता से अंकित किया गया है तो यह जांच का विषय हो सकता है।

मामले को लेकर कोटवा के प्रखंड विकास पदाधिकारी चिरंजीवी पाण्डेय ने बताया कि अभी तक उनके कार्यालय में इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में यह पाया जाता है कि सरकारी धन या सरकारी योजना का उपयोग किसी व्यक्ति के निजी प्रचार अथवा व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया है तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल वायरल फोटो और वीडियो को लेकर कररिया पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में चर्चा तेज है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होती है या नहीं, और प्रशासन जांच के बाद क्या कदम उठाता है। 

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